
Tere naal mohobbat roohan di..!!

Log kehte hain,
Aasmaan mein bhi surakh ho sakta hai,
Bas tabiyat se pathar uchalne ki deri hai..
Himmat na ki pathar uthane ki,
Mano na mano ye galti teri hai..
Raste bhi sazish kar rahe hain,
Waqt ke sath milkar…
Tu phir bhi waqt ke sath na chale,
To ab bhi galti teri hai..
लोग कहते हैं,
आसमान में भी सुराख़ हो सकता है,
बस तबियत से पत्थर उछालने की देरी है…
हिम्मत ना की पत्थर उठाने की,
मानो ना मानो ये गलती तेरी है…
रास्ते भी शाज़िश कर रहे है,
वक्त के साथ मिलकर…
तू फिर भी वक्त के साथ ना चले,
तो अब भी गलती तेरी है….
याद उसकी आती हमें,
उसे खबर नहीं मगर।
याद उसकी आती हमें,
वो नसीब में नहीं मगर।
याद उसको करते करते,
मर जायेंगे एक दिन यूंही,
बदनसीब इस दिल का क्या कीजिए,
याद उसकी आती हमें,
उसे बता सकते नहीं मगर।