कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
Enjoy Every Movement of life!
कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈

Samandar ke beech le jakar fareb karne ki zaroorat kya thi..
Tum kehte to kinare par hi doob jate hum 🙃….!!
समंदर के बीच ले जाकर फ़रेब करने की जरूरत क्या थी..
तुम कहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम🙃….!!