कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
1) भारत में शिक्षकों के सम्मान में 1962 से प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
2) यह दिन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाते हैं।
3) वह भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दुसरे राष्ट्रपति थें।
4) महान शिक्षक के रूप में इनके योगदान के लिए इन्हें 1954 में भारत रत्न प्राप्त हुआ।
5) प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का महत्ववपूर्ण योगदान रहता है।
6) एक छात्र को उसके जीवन की सही दिशा तय करने का मार्ग शिक्षक ही दिखाता है।
7) इस दिन छात्र अपने गुरुओं के सम्मान में उन्हें उपहार देते हैं।
8) स्कूल, कॉलेज में छात्र मिलकर शिक्षकों के लिए कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
9) यह समारोह शिक्षकों के समर्पण और उपलब्धियों का प्रतीक है।
10) विश्व भर मे 100 से ज्यादा देश अपने तय तारीख पर शिक्षक दिवस मनाते हैं।
Meri aankhon m tere siwa koi chehra nahi hai,
Mere dil m kisi or k liye pyar gehra nahi hai.
Vo kehta h mujhpe hak sirf uska hai
Vo janta h mera dil kisi or k liye kabhi thehra nahi hai.
Bahot ajeej hai mera chehra kai logon k liye
Bahot ajeej h mera chehra kai logon k liye,
Vo kehta h tere jesa koi or chehra nahi hai.
Anjan meri hakikat se vo behad mujhpe marta hai,
Vo kehta h tujhse door hu majbooriyon ka pehra hai.
Dusri chahat tha vo meri kabhi aaj bhi mujhpe uska rang bahot gehra hai.
Mere bina rehna kehta h majboori hai uski bhi,
Kehta h ye majboori dekar wakt b kahan thehra hai.
Fir mile hai hum usi ummid k raste par
Fir mile h hum us ummid k raste par ek baar.
Dekhti hu is baar mera ye rabb b kya reh ra h…
Meri aankhon m aaaj b koi chehra nhi hai