कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
Enjoy Every Movement of life!
कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
Ohnu mere ch khaamiyaan millgiyan
ya kehlo kise nawe ch khoobiyan 😊
ਉਹਨੂੰ ਮੇਰੇ ‘ਚ ਖ਼ਾਮੀਆਂ ਮਿਲ ਗਈਆਂ
ਜਾਂ ਕਹਿ ਲਓ ਕਿਸੇ ਨਵੇਂ ‘ਚ ਖੂਬੀਆਂ 😊
काश ।।।।
उसे भी फर्क पड़ता
मेरे हँसने से ..
मेरे रोने से…
मेरे साथ ना होने से …
और यू इल्जाम ना लगते,मेरे जाने से।।।।