कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
महंगा लिबास नहीं,
खाली जेब का हिसाब नहीं,
निखारनी है सीरत,
मुझे निखरी सूरत का क्या पता...
खुशियों की छांव नहीं,
ठंडी छांव में पांव नहीं,
मुझे मखमली चादर में सोने का
खिताब क्या पता...
पता है उन सुखी रोटियों की कीमत
जो किसी ने हाथ में थमा दी,
हं, मैं फकीर हूं,
मुझे सोने चांदी की कीमत क्या पता...
ਕਿਸੇ ਕੋਣੇ ਚ ਬਹਿ ਕੇ ਆਪਣੇ ਮਨ ਨੂੰ ਸਮਝਾ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ
ਤੇਰੀ ਫੋਟੋ ਵੱਲ ਵੇਖ ਕੇ ਉਹਨੂੰ ਘੁੱਟ ਸਿਨੇ ਨਾਲ ਲਾ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ
ਪਤਾ ਐ ਬਾਪੂ ਹੁਣ ਤੂੰ ਵਾਪਿਸ ਮੁੜ ਨਾ ਨੀ
ਕੱਲੀ ਬੈਠ ਕੇ ਇਹ ਗੱਲ ਵਿਚਾਰ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ
ਜਦ ਤੂੰ ਨੀ ਰਿਹਾ ਬਾਪੂ ਤਾ ਫਿਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਿਸ ਕੰਮ ਦੀ
ਹੁਣ ਤਾ ਬਸ ਮੌਤ ਨੂੰ ਹੀ ਪੁਕਾਰ ਲੈਣੀ ਆ ਮੈ….