कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
कहाँ किस दर्ज़ा मुक़ाबिल हैं कमल उनके।
उनके बड़े हर्फ़ों के बराबर तो हम हर्फ़ तक नहीं रखते।
यहाँ तक है एहतराम ए मुहब्बत हमारा।
वो 5.4 फीट की हैं तो हम भी झुक के चलते हैं।❤️🙈
Raste par unhe pukarte logo ko maine dekha hai,
Khidki se unhe zulfe sawarte mene dekha hai
Shayad unhe khabar hai unhe meri nazar lagi hai
Unhe aayine pe apna sadka utarne mene dekha hai…❤️
रास्तों पर उन्हें पुकारते लोगो को मैंने देखा है,
खिड़की से उन्हें जुल्फें संवारते मैंने देखा है,
शायद उन्हें खबर है उन्हे मेरी नज़र लगी है,
उन्हें आईने पे अपना सदका उतरते मैंने देखा है…❤️
Kuch begairat sawalon ke jwab hazir hain
Kuch bhooli bisri yaadein aaj bhi mutasir hain
Ek mashal jala kar chand dhundne chale the
Dekh lo tum bhi, vo kal bhi musafir the aaj bhi musafir hain…✨💯
कुछ बेगैरत सवालों के जवाब हाज़िर हैं,
कुछ भूली बिसरी यादें आज भी मुतासिर हैं,
एक मशाल जला कर चांद ढूंढने चले थे,
देख लो तुम भी, वो कल भी मुसाफिर थे आज भी मुसाफिर हैं…✨💯