Mohobbat unse kesi hai na puchiye janab
Vo samne bhi nahi aate fir bhi deedar ho jata hai..!!
मोहोब्बत उनसे कैसी है ना पूछिए जनाब
वो सामने भी नहीं आते फ़िर भी दीदार हो जाता है..!!
Mohobbat unse kesi hai na puchiye janab
Vo samne bhi nahi aate fir bhi deedar ho jata hai..!!
मोहोब्बत उनसे कैसी है ना पूछिए जनाब
वो सामने भी नहीं आते फ़िर भी दीदार हो जाता है..!!

बीत गया जो सुनहरा वक्त,
बंद आंखों में ठहरा नज़र आता है…
जिस भी पत्थर पर सर झुकाया ,
बस तेरा चेहरा नज़र आता है…
वो गालों पर हाथ रखना तेरा,
आंखों में आंखें डाल देखना तेरा,
चुभने लगी है वो यादें तेरी,
हर इक लम्हे में अब पहरा नज़र आता है…💔