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Muhabbat ka Dard

Zindagi Se badi Koi saza hi nahi ….
Mera jurm kya hai mujhe pata hi nahi …
Mai itne hisson me bant chuka hu …
Ke mere Hisse me Kuch bacha hi nahi …

जिंदगी  से बड़ी कोई  सजा ही नही …

मेरा जुर्म क्या है मुझे पता ही नही …

मैं इतने हिस्सों में बंट चुका हूं  ….

के मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं ….Zindagi Se badi Koi saza hi nahi .... || dard bhari shayari


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


AINIYAN V BEPARWAHIYAN || True Lover Shayari image

True love punjabi shayari || Ainiyan v beparwahiyaan teriyaan theek nahi vekh me sari zind likhwai baitha haan tere naawe

Ainiyan v beparwahiyaan teriyaan theek nahi
vekh me sari zind likhwai baitha haan tere naawe



Patriotic Poems || hindi desh prem poems

देशभक्ति कविताएं

1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।

आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।

वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।

मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।

प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।

2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।

गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।

खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।

थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।

हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।

भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।

Title: Patriotic Poems || hindi desh prem poems