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Muje murda samjh kar ro le || sad hindi shayari || best hindi shayari

Mujhe murda samjh kar ro le,
Ab agr mein zinda hoon,
To tere liye nhi hoon..

मुझे मुर्दा समझकर रो ले,
अब अगर मै ज़िंदा हूँ,
तो तेरे लिए नहीं हूँ।

Title: Muje murda samjh kar ro le || sad hindi shayari || best hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


koi karda howe sachaa pyaar

ਕੋਈ ਕਰਦਾ ਹੋਵੇ ਸੱਚਾ ਪਿਆਰ
ਤਾਂ ਯਾਰ ਨੂੰ ਸੀਨੇ ਨਾਲ ਲਾਈ ਦਾ
ਖੇਡ ਕੇ ਦਿਲ ਨਾਲ ਸੱਜਣਾ ਵੇ
ਨਹੀ ਪਿਆਰ ਦਾ ਮਜਾਕ ਬਣਾਈ ਦਾ
ਥਾਂ ਥਾਂ ਵੰਡ ਕੇ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਯਾਰਾਂ ਨਹੀ ਜੱਗ ਹਸਾਈ ਦਾ
ਹੀਰੇ ਵਰਗੇ ਯਾਰ ਨੂੰ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਰੱਖੀਏ ਜੜ ਕੇ
ਕੀਮਤੀ ਨਗੀਨਾ ਜਿੰਦਗੀ ਚੋ ਨਹੀ ਗਵਾਈ ਦਾ
ਭਾਈ ਰੂਪੇ ਵਾਲਿਆ ਰੋਵੇਗਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਚੇਤੇ ਕਰ ਕੇ
ਫਿਰ ਪਤਾ ਲੱਗੂ ਗੁਰਲਾਲ ਕੀ ਮੁੱਲ ਹੁੰਦਾ ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਜੁਦਾਈ ਦਾ

Title: koi karda howe sachaa pyaar


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani