Milna na milna taan mukaddran di gall e
Mere dil ch tu hamesha aabad e
Eh gall yaad rakhi❤️..!!
ਮਿਲਣਾ ਨਾ ਮਿਲਣਾ ਤਾਂ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਏ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ‘ਚ ਤੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਆਬਾਦ ਏ
ਇਹ ਗੱਲ ਯਾਦ ਰੱਖੀਂ❤️..!!
Milna na milna taan mukaddran di gall e
Mere dil ch tu hamesha aabad e
Eh gall yaad rakhi❤️..!!
ਮਿਲਣਾ ਨਾ ਮਿਲਣਾ ਤਾਂ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ਦੀ ਗੱਲ ਏ
ਮੇਰੇ ਦਿਲ ‘ਚ ਤੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ ਆਬਾਦ ਏ
ਇਹ ਗੱਲ ਯਾਦ ਰੱਖੀਂ❤️..!!
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी
हवा बहती हुई यूं मदधम सी, गा रही है एक तराना..
मेरे यार का लाई है संदेश, जिसपे नहीं है पता ठिकाना..
उस खत में लिखे हैं शब्द दो ही, अब कैसे जाए पहचाना..
आए तुम्हे जब याद मेरी, तुम प्यार से मुझे बुलाना..
मैं आउंगी ये वादा है, चाहे रोके सारा जमाना..
क्या भूल गई वादा वो अपना, इस गम में है दिल दीवाना..
क्या मै करूँ, चाहता है दिल, करीब उसके अब चले जाना..
मैं रोक नहीं सकता अब उसको, मुश्किल है सब्र कराना..
मैने हवा से की फरियाद के वापस मुझे अपने साथ ले जाना..
मैं आऊं कहां, मेरे यार का पता पुछ के मुझे बताना..
उसकी झलक को हूं मैं तरस गया, बस एक बार दिखला ना..
टालने में वो माहिर है, पर तू करना ना कोई बहाना..
क्यूं नहीं मिलता वो मुझसे, उसे मिलके है पता लगाना..
मुझे जानना है, वो है कहां, उसे क्यूं नहीं है यहां आना..
उसे कहदे मैं न भूलूंगा, चाहे भूले सारा जमाना..
गर वो नहीं आ सकती तो उसे पड़ेगा मुझे बुलाना..
हवा भी हो गई परेशान, वो चाहे मुझे समझाना..
जहां यार मेरा, मैं जा नहीं सकता, है दूर देश अंजाना….