
Ik pyaar kita, dujha dard lita
teejha aan gamaan ne gher liya
ik jag chootha, dujha dil tutta
tejha mukh badlaan ne fer liya

Ik pyaar kita, dujha dard lita
teejha aan gamaan ne gher liya
ik jag chootha, dujha dil tutta
tejha mukh badlaan ne fer liya
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।
Kon chahta hai un tute dilon ko, sabko ek dil chahiye todne ke liye…..💔
कौन चाहता है उन टूटे दिलों को
सबको एक दिल चाहिए तोड़ने के लिये 💔