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Mukkamal bhale pyaar hamara na ho

मुक्कमल भले प्यार हमारा न हुआ……..

उनका हक जताना भी कयामत था भूल जाना भी कुबूल है वफा कर बेवफा कहलाना तो दुनिया का उसूल है

गलत साबित हुए हमेशा…………

उनका हमे आजमाना भी कयामत था ठुकराना भी कुबूल है वफा कर बेवफा कहलाना तो दुनिया का उसूल है

किताब के कहीं किसी पन्ने पर तो होंगे जरूर……..

उनका याद आना भी कयामत था भूल जाना भी कुबूल है  वफा कर बेवफा कहलाना तो दुनिया का उसूल है

Title: Mukkamal bhale pyaar hamara na ho

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


 जंगल की सैर

जग की हलचल तज उस ओर
जहाँ बसा है जंगल घोर
आओ आज वहां घूमेंगे
खुशियों में भरकर झूमेंगे
घने घने वन बने जहाँ पर
तरु समूह हैं तने जहाँ पर
जहाँ झाड़ियाँ खड़ी हुई हैं
पग पग बेलें पड़ी हुई हैं.
 
पथ है जहाँ बनाना मुश्किल
आदि अंत कुल पाना मुश्किल
जिसके भीतर जाना मुश्किल
जाकर के फिर आना मुश्किल
 
जंगल यह पशुओं का घर है
राजा जिनका शेर बबर है
कभी कभी जब वह दहाड़ता
आसमान के कान फाड़ता
 
इधर खड़ा है देखो चीता
झरने के तट पानी पीता
इसके तन पर काली धारी
यह है हिंसक मांसाहारी
 
देखों इधर तेंदुआ आता
बिल्ली का वंशज कहलाता
बिल्ली इसकी नानी लगती
किंतु देखते ही है भगती
 
हाथी सूंड उठाते हैं ये
ढेरों खाना खाते हैं ये
मस्त चाल से जाते हैं ये
वन में रौंद मचाते हैं ये
 
झाड़ी के अंदर खामोश
देखों बैठा है खरगोश
टूंग टूंग खाता है घास
कभी नहीं आता है पास
 
उधर हिरन भागे जाते है
चंचल ये मृग कहलाते हैं
पतली पतली इनकी टाँगें
कभी चौकड़ी कभी छंलागे
 
सुंदर इनके नयन सलौने
प्यारे लगते इनके छौने
सीधे सादे भोले भाले
जो भी चाहे इनको पाले
 

Title:  जंगल की सैर


Mainu Zinda rakh rahi hai || Shayar’ shayari

Je tu ajh mudh aawe
ta mera vajood khatam ho jaana
teri na-mazoodgi hi tan
mainu zinda rakh rahi ae

ਜੇ ਤੂੰ ਅੱਜ ਮੁੜ ਆਵੇਂ
ਤਾਂ ਮੇਰਾ ਵਾਜੂਦ ਖਤਮ ਹੋ ਜਾਣਾ
ਤੇਰੀ ਨਾ-ਮਾਜੂਦਗੀ ਹੀ ਤਾਂ
ਮੈਨੂੰ ਜਿੰਦਾ ਰੱਖ ਰਹੀ ਏ

Title: Mainu Zinda rakh rahi hai || Shayar’ shayari