“Adhure Se Rishto ki khwahish nhi ab mujhe..
kre jo Wajud ko muqammal mere,
wo shaksh chahiye….”
By Nazreen khan…
“Adhure Se Rishto ki khwahish nhi ab mujhe..
kre jo Wajud ko muqammal mere,
wo shaksh chahiye….”
By Nazreen khan…
रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃
Bahut besabri se intezaar karte hain hum,
Tumhari ek jhalak ko bekaraar marte hain hum,
Khud ko ye kehkar dilasa de diya karte hain
ke tum chahe chale bhi jao
phir bhi Tumse hi beshumaar pyar karenge hum❤
बहुत बेसबरी से इंतज़ार करते हैं हम
तुम्हारी एक झलक को बेकरार मरते हैं हम
खुद को यह कह कर दिलासा दे दिया करते हैं
कि तुम चाहे चले भी जाओ
फिर भी तुमसे ही बेशुमार प्यार करेंगे हम❤