Zindagi howe ja ful
ik din dowe murjha hi jande ne
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਫੁਲ
ਇਕ ਦਿਨ ਦੋਂਵੇ ਮੁਰਝਾ ਹੀ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
Zindagi howe ja ful
ik din dowe murjha hi jande ne
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਫੁਲ
ਇਕ ਦਿਨ ਦੋਂਵੇ ਮੁਰਝਾ ਹੀ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,
ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,
तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,
और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।
माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,
फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,
तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,
तेरी यादों का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।
तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,
फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,
कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,
टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।
………….अजय कुमार ।
काश बनाने वाले ने दिल कांच के बनाये होते,
तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म तो आये होते…
kaash banaane vaale ne dil kaanch ke banaaye hote,
todane vaale ke haath mein zakhm to aaye hote…