खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा
वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ गुजर जाऊँगा🙃❤️
Enjoy Every Movement of life!
खुद पुकारेगी मंज़िल तो ठहर जाऊँगा
वरना खुद्दार मुसाफिर हूँ गुजर जाऊँगा🙃❤️
एक दिन जिंदगी ऐसे मुकाम पर पहुँच जाएँगी
दोस्ती तो सिर्फ़ यादों में ही रह जाएँगी
हर बात दोस्तों की याद दिलायेंगी
और हँसते हँसते फिर आँख नम हो जाएँगी
ऑफिस के रूम में क्लासरूम नज़र आएँगी
पैसे तो बहोत होगा
लेकिन खर्चा करने के लम्हें कम हो जायेंगें
जी लेंगे खुल के इस पल को मेरे दोस्त
क्यूँ के जिंदगी इस पल को फिर से नहीँ दोहराएँगी
A small piece of hard work can make you big….🍁