Zindagi me ek waqt aisa bhi aata hai jab sab kuch thik hone ke baad bhi INSAAN muskurana bhool jata hai
ज़िंदगी में एक वक़्त ऐसा भी आता है जब सब कुछ ठीक होने के बाद भी इंसान मुस्कुराना भूल जाता है
Zindagi me ek waqt aisa bhi aata hai jab sab kuch thik hone ke baad bhi INSAAN muskurana bhool jata hai
ज़िंदगी में एक वक़्त ऐसा भी आता है जब सब कुछ ठीक होने के बाद भी इंसान मुस्कुराना भूल जाता है
humare bina tumara dil kaha lagega,
jaha bhi jao, tumme kuch acha naa lagega,
dhundhne agar jaoge hummse bhettar,
Aasmalo zamana , kuch haath na lagega
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।