
Eh ki kehar kamawein..!!
Na koi suneha aunda tera
Na aap kol tu aawein..!!

हर जंग ज़िंदगी की हमने खुद को मिटाकर लड़ी है,
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Parkh le agar nahi taxi
Chal le jitni shalni ho baazi
Bas itni karunga tujhse darkhast e duniya
Junoon ko pagalpan aur mehnat ko kismat ka naam Na de🙌
परख ले अगर नही राज़ी,
चल ले जितनी छलनी हो बाज़ी
बस इतनी करूँगा तुझसे दरख़ास्त ऐ दुनिया,
जुनून को पागलपन और म्हणत को किस्मत का नाम न दे🙌