
Eh ki kehar kamawein..!!
Na koi suneha aunda tera
Na aap kol tu aawein..!!

कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
कुछ खावोगे कुछ पाओगे,
हर लम्हे मे कुछ नया सीख जाओगे,
संघर्षो से ही बढ़ी है दुनिया,
मेहनत से ही बहुत कुछ कर जाओगे
छोड़ के सारी महफ़िल तुम नित्य कर्म करते रहो…
जिंदगी एक सफर है, चलते रहो
चलते रहो…..