na hansate khud-ba-khud to…kab ke mar jaate,
zindagee toone to kabhee, muskuraane kee vazah nahin dee..
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी..
na hansate khud-ba-khud to…kab ke mar jaate,
zindagee toone to kabhee, muskuraane kee vazah nahin dee..
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी..
ai chaand chala ja kyo aaya hai meree chaukhat par,
chhod gaye vo shakhs jisakee yaad me ham tujhe dekha karate the…
ऐ चांद चला जा क्यो आया है मेरी चौखट पर,
छोड गये वो शख्स जिसकी याद मे हम तुझे देखा करते थे…
ज़िन्दगी के लिए इक ख़ास सलीक़ा रखना
अपनी उम्मीद को हर हाल में ज़िन्दा रखना
उसने हर बार अँधेरे में जलाया ख़ुद को
उसकी आदत थी सरे-राह उजाला रखना
आप क्या समझेंगे परवाज़ किसे कहते हैं।
आपका शौक़ है पिंजरे में परिंदा रखना
बंद कमरे में बदल जाओगे इक दिन लोगो
मेरी मानो तो खुला कोई दरीचा रखना
क्या पता राख़ में ज़िन्दा हो कोई चिंगारी
जल्दबाज़ी में कभी पॉव न अपना रखना
वक्त अच्छा हो तो बन जाते हैं साथी लेकिन
वक़्त मुश्किल हो तो बस ख़ुद पे भरोसा रखना