na hansate khud-ba-khud to…kab ke mar jaate,
zindagee toone to kabhee, muskuraane kee vazah nahin dee..
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी..
na hansate khud-ba-khud to…kab ke mar jaate,
zindagee toone to kabhee, muskuraane kee vazah nahin dee..
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी..
Mazak bana ke rakh dinde ne lok Pak mohobbat da
Changa e ke bhuta pyar jataya Na kar..!!
Sambh ke rakheya kar dil vich apne
Evein bekadriyan Karaya Na kar..!!
ਮਜ਼ਾਕ ਬਣਾ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿੰਦੇ ਨੇ ਲੋਕ ਪਾਕ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦਾਚੰਗਾ ਏ ਕੇ ਬਹੁਤਾ ਪਿਆਰ ਜਤਾਇਆ ਨਾ ਕਰ..!!
ਸਾਂਭ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਕਰ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਆਪਣੇ
ਐਵੇਂ ਬੇਕਦਰੀਆਂ ਕਰਾਇਆ ਨਾ ਕਰ..!!
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।