na hansate khud-ba-khud to…kab ke mar jaate,
zindagee toone to kabhee, muskuraane kee vazah nahin dee..
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी..
na hansate khud-ba-khud to…kab ke mar jaate,
zindagee toone to kabhee, muskuraane kee vazah nahin dee..
ना हँसते ख़ुद-ब-ख़ुद तो…कब के मर जाते,
ज़िन्दगी तूने तो कभी, मुस्कुराने की वज़ह नहीं दी..
Kuj karn da jazba howe taa
Mushkil to mushkil halat vi sukhale ho jande Hun…
ਕੁੱਝ ਕਰਨ ਦਾ ਜਜ਼ਬਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ
ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਤੋਂ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹਾਲਾਤ ਵੀ ਸੁਖਾਲੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ..
इरादे उम्मीदों के,सख़्त लगते हो
तुम मुझे मेरा,बुरा वक्त लगते हो
होठों पर नज़र,नहीं जाती है क्या
माथा चूम कर,क्यू गले लगते हो
यार लहज़ा ऐसा, क्यूं है तुम्हारा
देखने में,इंसान तो भले लगते हो
तुम्हे क्या पता,दिल कहतें हैं इसे
तुम जो खिलोने, बेचने लगते हो
सच्चा इश्क़ ही तो, मांगा है मैंने
हर बार ये क्या, सोचने लगते हो
उदास हो कर कहते हैं,अलविदा
जब तुम ये,घड़ी देखने लगते हो
के कुछ पहेलियां भी,समझा करो
तुम मतलब,क्यों पूछने लगते हो
कोई ख्याल बचा कर,रखो भैरव
तुम तो बस,कलम ढूढने लगते हो