
Dila pachtayenga..!!
Na kar Na ena pyar
Dila pachtayenga..!!

नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..
अगर किसी इंसान को अच्छे से समझना चाहते हो तो उसे बोलने दो क्योंकि हर इंसान की सच्चाई उसकी जुबान के पीछे छिपी हुई है।
मंजिल मेरे कदमों से अभी दूर बहुत है… मगर तसल्ली ये है कि कदम मेरे साथ हैं
बात करने का मजा उन लोगो के साथ आता है, जिनके साथ कुछ बोलने से पहले कुछ सोचना ना पड़े।
जिस तरह लौहे का जंग लोहे को नष्ट कर देता हैं, उसी तरह इंसान की गलत सोच, इंसान को अपंग बना देती हैं।