
Dila pachtayenga..!!
Na kar Na ena pyar
Dila pachtayenga..!!

Chaha na usne mujhe bas dekhta raha
Meri zindagi se vo is trah khelta raha
Na utra kabhi meri zindagi ki jheel mein
Bas kinare par baitha pathar fenkta raha💔
चाहा ना उसने मुझे बस देखता रहा,
मेरी ज़िंदगी से वो इस तरह खेलता रहा,
ना उतरा कभी मेरी ज़िंदगी की झील में,
बस किनारे पर बैठा पत्थर फेंकता रहा💔
ज़िन्दगी के अंजान सफर में निकल के देखूंगा,
ये मौत का दरिया है तो चल के देखूंगा...
सवाल ये है कि रफ्तार किसकी कितनी है,
मैं हवाओं से आगे निकल कर देखूंगा...
इक मज़ाक अच्छा रहेगा चांद तारों से,
मैं आज शाम से पहले ढल कर देखूंगा...
रोशनी बाटने वालों पर क्या गुजरती है,
आज मैं इक चिराग़ की तरह जल कर देखूंगा...