Khus rehan da ik te
sirf ik matr tareeka
umeed mapeyaan ton ja rabb ton rakho
na ke sab ton rakho
ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦਾ ਇਕ ਤੇ
ਸਿਰਫ ਇਕ ਮਾਤਰ ਤਰੀਕਾ
ਉਮੀਦ ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਜਾਂ ਰੱਬ ਤੋਂ ਰੱਖੋ
ਨਾ ਕੇ ਸਬ ਤੋਂ ਰੱਖੋ
Khus rehan da ik te
sirf ik matr tareeka
umeed mapeyaan ton ja rabb ton rakho
na ke sab ton rakho
ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦਾ ਇਕ ਤੇ
ਸਿਰਫ ਇਕ ਮਾਤਰ ਤਰੀਕਾ
ਉਮੀਦ ਮਾਪਿਆਂ ਤੋਂ ਜਾਂ ਰੱਬ ਤੋਂ ਰੱਖੋ
ਨਾ ਕੇ ਸਬ ਤੋਂ ਰੱਖੋ
Main khush ravan ya na ravan
Rabb khush rakhe tenu
Tere saare dukh dard vi de
Deve mainu
Seh launga ovi hass ke apne
Taan main seh rehan
Tun vaapis aaja kol mere
Rampurey wala ey keh reha
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।