Na chadeyaa koi din sadhe lai
na aai kade puneyaa di raat
na pyar samajh saki tu mera
na samajh saki jajhbaat
ਨਾ ਚੜਿਆ ਕੋਈ ਦਿਨ ਸਾਡੇ ਲਈ
ਨਾ ਆਈ ਕਦੇ ਪੁੰਨਿਆ ਦੀ ਰਾਤ
ਨਾ ਪਿਆਰ ਸਮਝ ਸਕੀ ਤੂੰ ਮੇਰਾ
ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ ਜ਼ਜਬਾਤ
Na chadeyaa koi din sadhe lai
na aai kade puneyaa di raat
na pyar samajh saki tu mera
na samajh saki jajhbaat
ਨਾ ਚੜਿਆ ਕੋਈ ਦਿਨ ਸਾਡੇ ਲਈ
ਨਾ ਆਈ ਕਦੇ ਪੁੰਨਿਆ ਦੀ ਰਾਤ
ਨਾ ਪਿਆਰ ਸਮਝ ਸਕੀ ਤੂੰ ਮੇਰਾ
ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ ਜ਼ਜਬਾਤ

हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp