Dhang de naag yaada de
me bhul ni sakda ohnu
edaa da haal hai saada
me chhadd ni sakda ohnu
ਡੰਗ ਦੇ ਨਾਗ ਯਾਦਾਂ ਦੇ
ਮੈਂ ਭੁੱਲ ਨੀਂ ਸਕਦਾ ਓਹਨੂੰ
ਇਦਾਂ ਦਾ ਹਾਲ ਹੈ ਸਾਡਾ
ਮੈਂ ਛੱਡ ਨੀ ਸਕਦਾ ਓਹਨੂੰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Dhang de naag yaada de
me bhul ni sakda ohnu
edaa da haal hai saada
me chhadd ni sakda ohnu
ਡੰਗ ਦੇ ਨਾਗ ਯਾਦਾਂ ਦੇ
ਮੈਂ ਭੁੱਲ ਨੀਂ ਸਕਦਾ ਓਹਨੂੰ
ਇਦਾਂ ਦਾ ਹਾਲ ਹੈ ਸਾਡਾ
ਮੈਂ ਛੱਡ ਨੀ ਸਕਦਾ ਓਹਨੂੰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
है इश्क़ तो फिर असर भी होगा
जितना है इधर उधर भी होगा
माना ये के दिल है उस का पत्थर
पत्थर में निहाँ शरर भी होगा
हँसने दे उसे लहद पे मेरी
इक दिन वही नौहा-गर भी होगा
नाला मेरा गर कोई शजर है
इक रोज़ ये बार-वर भी होगा
नादाँ न समझ जहान को घर
इस घर से कभी सफ़र भी होगा
मिट्टी का ही घर न होगा बर्बाद
मिट्टी तेरे तन का घर भी होगा
ज़ुल्फ़ों से जो उस की छाएगी रात
चेहरे से अयाँ क़मर भी होगा
गाली से न डर जो दें वो बोसा
है नफ़ा जहाँ ज़रर भी होगा
रखता है जो पाँव रख समझ कर
इस राह में नज़्र सर भी होगा
उस बज़्म की आरज़ू है बे-कार
हम सूँ का वहाँ गुज़र भी होगा
‘शहबाज़’ में ऐब ही नहीं कुल
एक आध कोई हुनर भी होगा
Je tera raahan ch auna shaddta,
Eh na samjhi ke tenu chahuna shaddta 💔
ਜੇ ਤੇਰੇ ਰਾਹਾਂ ਚ ਆਉਣਾ ਛੱਡਤਾ,
ਇਹ ਨਾਂ ਸਮਝੀ ਕਿ ਤੈਨੂੰ ਚਾਹੁੰਣਾ ਛੱਡਤਾ।💔