
Kol nahi e fir vi tu dise naal mere..!!

Kehndi apne alfaaza vich na mera zikar kareyaa kar
Me khush haan aive na mera fikar kareyaa kar
apne dowa di kahani nu akhraan vich na jadheyaa kar
likh likh yaadan nu injh na kitaaban bhareyaa kar
ਕਹਿੰਦੀ ਅੱਪਣੇ ਅਲਫ਼ਾਜ਼ਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾ ਮੇਰਾ ਜਿਕਰ ਕਰਿਆ ਕਰ
ਮੈਂ ਖੁਸ਼ ਹਾਂ ਐਵੇਂ ਨਾ ਮੇਰਾ ਫਿਕਰ ਕਰੀਆ ਕਰ
ਅੱਪਨੇ ਦੋਵਾਂ ਦੀ ਕਹਾਣੀ ਨੂੰ ਅੱਖਰਾਂ ਵਿੱਚ ਨਾ ਜੜਿਆ ਕਰ
ਲਿਖ ਲਿਖ ਯਾਦਾਂ ਨੂੰ ਇੰਝ ਨਾ ਕਤਾਬਾਂ ਭਰਿਆ ਕਰ
आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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