Enjoy Every Movement of life!
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️
चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...
