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Naari || Hindi poetry || true lines

मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——

Title: Naari || Hindi poetry || true lines

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


kisi ne asha kisi ne bura bataya || hindi kavita

किसी ने अच्छा,किसी ने बुरा बताया है

मेरे बारे जिसने जो सुना,वही सुनाया है

हम दोनो के दिन पर,टंगी है एक तख्ती

उसने सावधान, हमने खतरा लगाया है

हम जब जब बढ़े हैं,तो गिराया है उसने

वो जब जब गिरा, हमने हाथ बढ़ाया है

भैरव,मेरा कोहिनूर,ये पूछ रहा है हमसे

अरे क्यूं नाम के आगे,फ़कीर लगाया है

Title: kisi ne asha kisi ne bura bataya || hindi kavita


AMAR RAWEGI

Tu mere kol rawe ja na par mere khiyaala ch amar rawegi

Tu mere kol rawe ja na
par mere khiyaala ch amar rawegi