Naaz hunda e jihna te
Kade Kade oh vi Dil dukha jande ne..!!
ਨਾਜ਼ ਹੁੰਦਾ ਏ ਜਿਹਨਾਂ ਤੇ
ਕਦੇ ਕਦੇ ਉਹ ਵੀ ਦਿਲ ਦੁਖਾ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..!!
Naaz hunda e jihna te
Kade Kade oh vi Dil dukha jande ne..!!
ਨਾਜ਼ ਹੁੰਦਾ ਏ ਜਿਹਨਾਂ ਤੇ
ਕਦੇ ਕਦੇ ਉਹ ਵੀ ਦਿਲ ਦੁਖਾ ਜਾਂਦੇ ਨੇ..!!
है इश्क़ तो फिर असर भी होगा
जितना है इधर उधर भी होगा
माना ये के दिल है उस का पत्थर
पत्थर में निहाँ शरर भी होगा
हँसने दे उसे लहद पे मेरी
इक दिन वही नौहा-गर भी होगा
नाला मेरा गर कोई शजर है
इक रोज़ ये बार-वर भी होगा
नादाँ न समझ जहान को घर
इस घर से कभी सफ़र भी होगा
मिट्टी का ही घर न होगा बर्बाद
मिट्टी तेरे तन का घर भी होगा
ज़ुल्फ़ों से जो उस की छाएगी रात
चेहरे से अयाँ क़मर भी होगा
गाली से न डर जो दें वो बोसा
है नफ़ा जहाँ ज़रर भी होगा
रखता है जो पाँव रख समझ कर
इस राह में नज़्र सर भी होगा
उस बज़्म की आरज़ू है बे-कार
हम सूँ का वहाँ गुज़र भी होगा
‘शहबाज़’ में ऐब ही नहीं कुल
एक आध कोई हुनर भी होगा
Sari Raat neend na aawe
rabb kolon tainu hi rhenda main mangda
je bhul ke kade akh lag jawe
chandra dil mera supne vich v tainu hi labda
ਸਾਰੀ ਰਾਤ ਨੀਂਦ ਨਾ ਆਵੇ
ਰੱਬ ਕੋਲੋਂ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਰਹਿੰਦਾ ਮੈਂ ਮੰਗਦਾ
ਜੇ ਭੁੱਲ ਕੇ ਕਦੇ ਅੱਖ ਲੱਗ ਜਾਵੇ
ਚੰਦਰਾ ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਸੁਪਣੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਤੈਨੂੰ ਹੀ ਲੱਭਦਾ ..#GG