Nafrat hai muje us mohobbat se
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!
नफ़रत है मुझे उस मोहोब्बत से
जो मोहोइब्ब्त मैनें कभी तुमसे की थी..!!
Nafrat hai muje us mohobbat se
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!
नफ़रत है मुझे उस मोहोब्बत से
जो मोहोइब्ब्त मैनें कभी तुमसे की थी..!!
teree vaphaon ka samandar kisee aur ke lie hoga,
ham to tere saahil se roj pyaase hee gujar jaate hain….
तेरी वफाओं का समन्दर किसी और के लिए होगा,
हम तो तेरे साहिल से रोज प्यासे ही गुजर जाते हैं….
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।