Nafrat hai muje us mohobbat se
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!
नफ़रत है मुझे उस मोहोब्बत से
जो मोहोइब्ब्त मैनें कभी तुमसे की थी..!!
Nafrat hai muje us mohobbat se
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!
नफ़रत है मुझे उस मोहोब्बत से
जो मोहोइब्ब्त मैनें कभी तुमसे की थी..!!
Hasin thi wo raate jis raat ko tum aaye the.
Meri khwabon ki seher mein besumar khushiyan laye the.
Milna chahunga fir se unhi khwabon ki seher mein.
Jahan mohabbat ke rang humne saath milke sajaaye the.
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।