
Jo mohobbat Mene kbi tumse ki thi..!!

उठे थे हाथ जिनके,
उन्ही दुआओं का असर हूं,
चिराग़ सी हैं नज़रें मेरी
जैसे सुबह की पहली पहर हूं
धूल से ही तो नाता है मेरा
वहीं ठंडी हवाओं में बसर हूं
कलम से शायर कह दो
होंठों से कहर हूं,
ठहरा है दरिया जो किनारे में
वहीं बहता छोटा सा शहर हूं,
मानों तो प्यास मिले
ना मानों तो ज़हर हूं...
Kuch lafzh 🗣️bina ⚔️kahe alfaaz hote hai..
Kuch log itne khas 💞🥰hote hai…
Door🥺 ho chahe wo nazro se…
Lekin phir bhi dil💓💗 ke bohot pass hote hai..😍
कुछ लफ्ज़ 🗣बिना ⚔कहे अल्फ़ाज़ होते हैं..
कुछ लोग इतने खास 💞🥰होते हैं..
दूर🥺 हो चाहे वो नज़रों से..
लेकिन फिर भी दिल💓💗 के बहुत पास होते हैं..😍