Nai miliyea mainu tere varga koi
par oh gal hor
k mili tu v nahi
ਨਈ ਮਿਲਿਆ ਮੈਂਨੂੰ ਤੇਰੇ ਵਰਗਾ ਕੋਈ
ਪਰ ਉਹ ਗੱਲ ਹੋਰ
ਕਿ ਮਿਲੀ ਤੂੰ ਵੀ ਨਈ
Nai miliyea mainu tere varga koi
par oh gal hor
k mili tu v nahi
ਨਈ ਮਿਲਿਆ ਮੈਂਨੂੰ ਤੇਰੇ ਵਰਗਾ ਕੋਈ
ਪਰ ਉਹ ਗੱਲ ਹੋਰ
ਕਿ ਮਿਲੀ ਤੂੰ ਵੀ ਨਈ
“I slept and I dreamed that life is all joy. I woke and I saw that life is all service. I served and I saw that service is joy.”
Kahlil Gibran
चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…