Naina chon nikal paaniyaan ne kataaran bna layiyaan
jadon tere muhon alvida de aakhri bol nikle
ਨੈਣਾਂ ਚੋਂ ਨਿਕਲ ਪਾਣੀਆਂ ਨੇ ਕਤਾਰਾਂ ਬਣਾ ਲਈਆਂ
ਜਦੋਂ ਤੇਰੇ ਮੂੰਹੋਂ ਅਲਵਿਦਾ ਦੇ ਆਖਰੀ ਬੋਲ ਨਿਕਲੇ
Naina chon nikal paaniyaan ne kataaran bna layiyaan
jadon tere muhon alvida de aakhri bol nikle
ਨੈਣਾਂ ਚੋਂ ਨਿਕਲ ਪਾਣੀਆਂ ਨੇ ਕਤਾਰਾਂ ਬਣਾ ਲਈਆਂ
ਜਦੋਂ ਤੇਰੇ ਮੂੰਹੋਂ ਅਲਵਿਦਾ ਦੇ ਆਖਰੀ ਬੋਲ ਨਿਕਲੇ
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
jindagee to usakee hai jisakee maut pe jamaana aphasos kare,
varana janam to har kisee ka marane ke lie hee hota hai…
जिंदगी तो उसकी है जिसकी मौत पे जमाना अफसोस करे,
वरना जनम तो हर किसी का मरने के लिए ही होता है…