
Dukhan vich zindagi jeon da naio koi faida
sadaa shukar manao us rabh da
beeteaan sameyaan vich rone da naeo koi faida

Dukhan vich zindagi jeon da naio koi faida
sadaa shukar manao us rabh da
beeteaan sameyaan vich rone da naeo koi faida
Loki puchhde ne aksar
ki karda haan me
ki dassan me ohna nu
roj parda han me ohnu
roj likhda han me ohnu
ਲੋਕੀ ਪੁਛਦੇ ਨੇ ਅਕਸਰ
ਕੀ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਕੀ ਦੱਸਾਂ ਮੈਂ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ
ਰੋਜ਼ ਪੜ੍ਹਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਉਹਨੂੰ
ਰੋਜ਼ ਲਿਖਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਉਹਨੂੰ
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..