Didaar di talab howe taan nazraan tikaa ke rakhi
Kyuki “nakaab” howe ja “naseeb” sarakda jaroor aa
ਦੀਦਾਰ ਦੀ ਤਲਬ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਟਿਕਾ ਕੇ ਰੱਖੀਂ,
ਕਿਉਂਕਿ “ਨਕਾਬ” ਹੋਵੇ ਜਾਂ “ਨਸੀਬ” ਸਰਕਦਾ ਜਰੂਰ ਆ.. ॥
Didaar di talab howe taan nazraan tikaa ke rakhi
Kyuki “nakaab” howe ja “naseeb” sarakda jaroor aa
ਦੀਦਾਰ ਦੀ ਤਲਬ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਟਿਕਾ ਕੇ ਰੱਖੀਂ,
ਕਿਉਂਕਿ “ਨਕਾਬ” ਹੋਵੇ ਜਾਂ “ਨਸੀਬ” ਸਰਕਦਾ ਜਰੂਰ ਆ.. ॥
Bhulekha na khai kise di soorat dekh ke
aksar vishvaas bna ke lok bahut dhoongi satt marde neਭੁਲੇਖਾ ਨਾ ਖਾਈ ਕਿਸੇ ਦੀ ਸੂਰਤ ਦੇਖ ਕੇ
ਅਕਸਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਬਣਾ ਕੇ ਲੋਕ ਬਹੁਤ ਡੂੰਗੀ ਸੱਟ ਮਾਰਦੇ ਨੇ.. ॥
माँ-बाप की उम्मीदों पर
खरा उतर गया ,
इतना आगे बढ़ा, पलटा
तो उसका साथ छुट गया।
अब फर्क नहीं पड़ता जनाब
कौन साथ है?, कौन पास है?
हजारों लोग मिले हैं मुझसे दिन में
पर वो पगली आज भी खास है।
क्या नजारा था मित्र
मैंने बर्बादी खुबसूरत देखी,
तेरे बिन मर जाऊँगी
हाय!………………
ऐसी उसकी आंखो में तड़प देखी।
दिल्लगी थी, मेरे दोस्त
कोई झूठा फसाना नहीं,
आज भी दिल कहता है
खबरदार,……………
उसके सिवा किसी से दिल लगाना नहीं।
दिल देता है हौसला, मेरे दोस्त
तभी आज भी, उसका इंतजार करूँ
कही मिल जाए दो पल के लिए
तो पगली से दिल भरके बातें करूँ।