Tu naraaz ho leya kar
Bhawein ladh vi leya kar meri jaan
Bas menu kade praya na kari❤️..!!
ਤੂੰ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋ ਲਿਆ ਕਰ
ਭਾਵੇਂ ਲੜ੍ਹ ਵੀ ਲਿਆ ਕਰ ਮੇਰੀ ਜਾਨ
ਬਸ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਪਰਾਇਆ ਨਾ ਕਰੀਂ❤️..!!
Tu naraaz ho leya kar
Bhawein ladh vi leya kar meri jaan
Bas menu kade praya na kari❤️..!!
ਤੂੰ ਨਾਰਾਜ਼ ਹੋ ਲਿਆ ਕਰ
ਭਾਵੇਂ ਲੜ੍ਹ ਵੀ ਲਿਆ ਕਰ ਮੇਰੀ ਜਾਨ
ਬਸ ਮੈਨੂੰ ਕਦੇ ਪਰਾਇਆ ਨਾ ਕਰੀਂ❤️..!!
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!
Kuch to baat thi us chehre mein
Jo sabkuch bhool gaya hun😐
Puchta hoon kisi se
Shayad apne ghar ka rasta bhool gya hun..😶😶
कुछ तो बात थी उस चेहरे में
जो सबकुछ भूल गया हूं,😐
पूछता हूं किसी से,
शायद अपने घर का रास्ता भूल गया हूं…😶