
Gall gall utte hun sangiye..!!
Sanu nasha lagga sajjna da
Hun kitho ja ke khair mangiye..!!

इरादे उम्मीदों के,सख़्त लगते हो
तुम मुझे मेरा,बुरा वक्त लगते हो
होठों पर नज़र,नहीं जाती है क्या
माथा चूम कर,क्यू गले लगते हो
यार लहज़ा ऐसा, क्यूं है तुम्हारा
देखने में,इंसान तो भले लगते हो
तुम्हे क्या पता,दिल कहतें हैं इसे
तुम जो खिलोने, बेचने लगते हो
सच्चा इश्क़ ही तो, मांगा है मैंने
हर बार ये क्या, सोचने लगते हो
उदास हो कर कहते हैं,अलविदा
जब तुम ये,घड़ी देखने लगते हो
के कुछ पहेलियां भी,समझा करो
तुम मतलब,क्यों पूछने लगते हो
कोई ख्याल बचा कर,रखो भैरव
तुम तो बस,कलम ढूढने लगते हो
कड़ी मेहनत आपको वहां पहुंचा देती है जहां
अच्छी किस्मत शायद आपको पहुंचा दे ।
निंदा’ से घबराकर अपने “लक्ष्य” को ना छोड़े
क्योंकि ‘लक्ष्य’ मिलते ही “निंदा” करने वालों की
राय बदल जाती है l”
केवल ज्ञान ही ऐसा अक्षर तत्व है जो कहीं भी,
किसी अवस्था और किसी काल में भी मनुष्य का
साथ नहीं छोड़ता l