Hun naina wale neer amrit lagde ne
jadon da rooh vich ral gya nasha ohde pyar da
Hun naina wale neer amrit lagde ne
jadon da rooh vich ral gya nasha ohde pyar da
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
हर रोज़ आईने से पूछा करते हैं, बता हमारी तक़दीर में क्या है,
ये अकेलापन कभी तो हमारा साथ छोड़ेगा, हमारी ज़िंदगी में उनके साथ की रोशनी लाएगा,
हर बार आईना उदास होकर कहता है,
ये दिल-ए-नादान किसी से इस क़दर मोहब्बत न कर, कि उनके न होने से तेरा वजूद मिट जाए।