
Par nazar hamesha tu aunda e
Es ton vadh tenu mohobbat da sabut ki dewa..??

AAYE THE MEHFIL MAIN BAS LE KAR KUCH ASHAAR HUM
WAQT-E-RUKHSAT HOUSLA BADH GAYA NAWAAZISH SE LOGON KI
آئے تھے محفل میں بس لے کر کچھ اشعار ہم
وقتِ رخصت حوصلہ بڑھ گیا نوازش سے لوگوں
कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...