
Par nazar hamesha tu aunda e
Es ton vadh tenu mohobbat da sabut ki dewa..??

तेरा ईश्क रहता है , मेरे सपनों के शहर में ।
दबी जुबां में मुझसे , एक बात कहता है ।।
मन में बसी है तू , दिल तुझसे मिलने को बेकरार है ।
नाराजगी छोड़ दे ना , तेरा प्यार तो मेरे लहू में बहता है ।।
ख्वाबों की गलियों में , बसी चाहत है सनम ।
फितूरी का खुमार भी , बस तेरा ही नाम कहता है ।।
आँखों में नींद नहीं , सुकून में भी चैन नहीं ।
बस इजहार-ए-मोहब्बत का ख्याल , हर पल मेरे जहन में रहता है ।।
Har cheez apne aap vich sundar hai
bas usnu pehchaann vich der hai
ਹਰ ਚੀਜ ਆਪਣੇ ਆਪ ਵਿੱਚ ਸੁੰਦਰ ਹੈ,
ਬਸ ਉਸ ਨੂੰ ਪਛਾਨਣ ਵਿੱਚ ਦੇਰ ਹੈ।।