डाल हिलाकर आम बुलाता तब कोयल आती है। नहीं चाहिए इसको तबला, नहीं चाहिए हारमोनियम, छिप-छिपकर पत्तों में यह तो गीत नया गाती है! चिक्-चिक् मत करना रे निक्की, भौंक न रोजी रानी, गाता एक, सुना करते हैं सब तो उसकी बानी। आम लगेंगे इसीलिए यह गाती मंगल गाना, आम मिलेंगे सबको, इसको नहीं एक भी खाना। सबके सुख के लिए बेचारी उड़-उड़कर आती है, आम बुलाता है, तब कोयल काम छोड़ आती है।
मैं अब किसी से बात नहीं करता
मेरे दिल की बात तुम सुना करो
क्योंकि मैं अब किसी की नहीं सुनता
मुझे वक्त तुम दिया करो क्योंकि
मैं अब किसी को वक्त नहीं देता
मुझसे मुलाकात तुम किया करो
क्योंकि मैं अब किसी से नहीं मिलता
~ साहिल…!!