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Nazrein churana || urdu shayari

YOUN NAZRAIN CHURAANA HUM SE AAP KA BA KHUSHI OR BAARHAA

ZAALIM KABHI SOCHNA KITNA DUSHWAR KUN HAIN YEH MARHALA

یوں نظریں چرانا ہم سے آپ کا با خوشی اور بار ہا

ظالم کبھی سوچنا کتنا دشوار کن ہے یہ مرحلہ 

Title: Nazrein churana || urdu shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


हाँ प्यार करता हूँ ना मैं !!! Hindi poetry

हाँ प्यार करता हूँ ना मैं !!!
नैनन नसीली पलकें हो झुकी,
उन मेें आंखें मिलीं झील,
तितली सी मड़ाती बर्न,
आँखों में दिन रात सीधती पलकें, 
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं!!!
लबों में शामिल हो गई मुस्कान, मुस्कान
उन लोगों से मिलने में गुलाब सी चाहत,
ओ चाहत में थी रोशनी सी मोहब्बत,
प्यार के पार तो बस एक विश्वास था,
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं!!!
पासपोर्ट में लड़खाती हों बाली,
बालीं से झड़ती यें फिजायें,
फिजो से मिली घटायें,
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं!!!
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं
बालें लटकती हो वट सी लट,
वो लटों में शामिल हों लेस,
उन मामलों को घटकी हमेशा वो पट्टी,
जिसमें सदा बालें रहती हैं लिपटी,
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं!!!
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं
कुतुम्ब सी माथे मे हैं मून की लाकेट,
उस लाकेट में थी हमारी मन्ते,
ये मन्ते आया था नज्मों की नगरीयों से,
वो हर नगरी थी दस दिशाओं पे, 
हाँ प्यार करता हूँ ना मैं!!!



जोरू का गुलाम || akbar birbal story

एक बार की बात है, राजा अकबर व बीरबल दरबार में बैठे कुछ अहम मामलों पर चर्चा कर रहे थे। तभी बीरबल ने अकबर से कहा, “मुझे लगता है कि ज्यादातर पुरुष जोरू के गुलाम होते हैं और अपनी पत्नियों से डर कर रहते हैं।” बीरबल की यह बात राजा को बिल्कुल भी पसंद न आई। उन्होंने इस बात का विरोध किया।. 

इस पर बीरबल भी अपनी बात मनवाने पर अड़ गए। उन्होंने राजा से कहा कि वे अपनी बात को सिद्ध कर सकते हैं। मगर, इसके लिए राजा को प्रजा के बीच एक आदेश जारी करवाना होगा। वह आदेश यह था कि, जिस पुरुष के अपनी पत्नी से डरने की बात सामने आएगी, उसे दरबार में एक मुर्गी जमा करानी होगी। राजा बीरबल की इस बात पर तैयार हो गए।

अगले ही दिन प्रजा के बीच आदेश कराया गया कि अगर यह बात सिद्ध हो जाती है कि कोई पुरुष अपनी पत्नी से डरता है, तो उसे दरबार में आकर बीरबल के पास एक मुर्गी जमा करवानी होगी। फिर क्या था, देखते ही देखते बीरबल के पास ढेरों मुर्गियां इकठ्ठा हो गईं और सैंकड़ों मुर्गियां महल के बगीचे में घूमने लगीं

अब बीरबल राजा के पास पहुंचे और बोले, “महाराज! महल में इतनी मुर्गियां इकट्ठा हो गई हैं कि आप एक मुर्गीखाना खोल सकते हैं, इसलिए अब आप इस आदेश को वापिस ले सकते हैं।” मगर, महाराज ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और महल में मुर्गियों की संख्या धीरे-धीरे और भी ज्यादा बढ़ने लगी।

इतनी अधिक मुर्गियां महल में जमा हो जाने के बाद भी जब राजा अकबर बीरबल की बात से सहमत नहीं हुए, तो बीरबल ने अपनी बात सिद्ध करने के लिए एक नया उपाय निकाला। एक दिन बीरबल राजा के पास गए और बोले, “महाराज! मैंने सुना है कि पड़ोस के राज्य में एक बहुत की खूबसूरत राजकुमारी रहती है। अगर आप चाहें, तो क्या मैं आपका रिश्ता वहां पक्का कर आऊं?”

यह सुनते ही राजा चौंक उठे और बोले, “बीरबल! तुम ये कैसी बातें कर रहे हो। महल में पहले से ही दो महारानियां मौजूद हैं। अगर उन्हें इस बात की भनक भी लगी, तो मेरी खैर नहीं होगी।”

यह सुनकर बीरबल ने तपाक से जवाब दिया, “चलिए महाराज, फिर तो आप भी मेरे पास दो मुर्गियां जमा करा ही दीजिए।”

राजा बीरबल का ऐसा जवाब सुनकर शरमा गए और उन्होंने अपना आदेश उसी वक्त वापस ले लिया।

Title: जोरू का गुलाम || akbar birbal story