YOUN NAZRAIN CHURAANA HUM SE AAP KA BA KHUSHI OR BAARHAA
ZAALIM KABHI SOCHNA KITNA DUSHWAR KUN HAIN YEH MARHALA
یوں نظریں چرانا ہم سے آپ کا با خوشی اور بار ہا
ظالم کبھی سوچنا کتنا دشوار کن ہے یہ مرحلہ
कोई बुतखाने में तो कोई महखाने में सच्चे होते है….
लोग वो है जो जबान के पक्के होते है….
वो महीने भर से भूखी है, खुदा पाने के लिए,
हमारे लिए जिसके पांव के बिच्छु ही मक्के होते है….
मुक्कमल हो इश्क तो बिस्तर पर खत्म हो जाता है,
इसलिए इश्क, रास्ते और किस्से अधूरे ही अच्छे होते है….
हर्ष✍️
ये ज़िन्दगी….
ये ज़िन्दगी बहुत ही अज़ीब है यारो
कोई मौत से डरता है…तो कोई जीते जी मरता है
हर किसी को ज़िन्दगी से मोहोब्बत होती है
और जीवन खोने से हर किसी का दिल डरता है
किसी को हँसाती और किसी को रुलाती है ये ज़िन्दगी
और दिल रो रो कर यूँ ही आहें भरता है
किसी का शोंक बन जाती है…और कोई गले लगाना चाहता है इसे..
लेकिन “रूप” नफ़रत तो उसे हो जाती है इस ज़िन्दगी से
जो मोहोब्बत किसी से बेशूमार करता है….
Ye zindagi bhut hi azib hai yaaro
Koi maut se drta hai..to koi jite ji mrta hai
Har kisiko zindagi se mohobbat hoti hai
Or jivan khone se har kisi ka dil drta hai
Kisi ko hsaati or kisi ko rulati hai j zindagi
Or dil ro ro kr yun hi aanhein bharta hai
Kisi ka shonk bn jati hai…or koi gle lgana chahta hai ise…
Lekin “Rup” nfrt to use ho jati hai is zindagi se
Jo mohobbat kisi se beshumar krta hai…