YOUN NAZRAIN CHURAANA HUM SE AAP KA BA KHUSHI OR BAARHAA
ZAALIM KABHI SOCHNA KITNA DUSHWAR KUN HAIN YEH MARHALA
یوں نظریں چرانا ہم سے آپ کا با خوشی اور بار ہا
ظالم کبھی سوچنا کتنا دشوار کن ہے یہ مرحلہ
आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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ਹਸਦੇ ਰਿਹਾ ਕਰੋ ਉਦਾਸ ਲੋਕਾ ਨੂੰ ਹਮਦਰਦ ਤਾ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਨੇ ਪਰ ਹਮਸਫਰ ਨਹੀ !😊
Hasde rahya kro udass loka nu hamdard ta mil skde ne par hamsafar nhi !😊