YOUN NAZRAIN CHURAANA HUM SE AAP KA BA KHUSHI OR BAARHAA
ZAALIM KABHI SOCHNA KITNA DUSHWAR KUN HAIN YEH MARHALA
یوں نظریں چرانا ہم سے آپ کا با خوشی اور بار ہا
ظالم کبھی سوچنا کتنا دشوار کن ہے یہ مرحلہ
ऐसा क्या लिखूँ कि वो मेरा हो जाए , दिल दुखाने के तरीके का नया इंतजाम हो जाए ।
मोहब्बत जुनून नहीं नशा है मेरा , बचने की हर कोशिश अब नाकाम हो जाए ।।
है दस्तूर कायनात का निभाना तो होगा , दूर है वो मुझसे पास आना तो होगा ।
नफरत की खैरात को मेरे हिस्से आने दो , अपने हर शब्द अमर कर दूँ पर पहले तुम्हें आना तो होगा ।।
कुछ अनकही बातें याद आती रही , सारी रात मेरा दिल दुखाती रही ।
है मेरे मन में क्या सोचा बता दूँ तुम्हें , पर बढ़ते हुए फासले की वजह मुझे सताती रही ।।
Ja taan bapanah mohobbat luta sade te
Ja behadd nafrat kar te chadd ke chla ja..!!
ਜਾਂ ਤਾਂ ਬੇਪਨਾਹ ਮੋਹੁੱਬਤ ਲੁਟਾ ਸਾਡੇ ‘ਤੇ
ਜਾਂ ਬੇਹੱਦ ਨਫ਼ਰਤ ਕਰ ਤੇ ਛੱਡ ਕੇ ਚਲਾ ਜਾ..!!