Befikr jeha rehnda c
Hun bas fikar rehndi e
Pehla bahla kuj kehnda c
Hun bas khamoshi rehndi e
Tu kade samjh hi nhi sakeya menu
Mein fikar teri bas karda reha
Tu pyar bas jataunda c
Te mein dilon pyar karda reha 💔
ਬੇਫਿਕਰ ਜਿਹਾ ਰਹਿੰਦਾ ਸੀ
ਹੁਣ ਬੱਸ ਫ਼ਿਕਰ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਪਹਿਲਾਂ ਬਾਹਲ਼ਾ ਕੁਝ ਕਹਿੰਦਾ ਸੀ
ਹੁਣ ਬੱਸ ਖਾਮੋਸ਼ੀ ਰਹਿੰਦੀ ਏ
ਤੂੰ ਕਦੇ ਸਮਝ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸਕਿਆਂ ਮੈਨੂੰ
ਮੈਂ ਫ਼ਿਕਰ ਤੇਰੀ ਬੱਸ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ
ਤੂੰ ਪਿਆਰ ਬੱਸ ਜਤਾਉਂਦਾ ਸੀ
ਤੇ ਮੈਂ ਦਿਲੋਂ ਪਿਆਰ ਕਰਦਾ ਰਿਹਾ💔
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।