
hun ki fayida luk luk ron da tu meri wafa da mol chuka gayi hai

अब ना होगा तेरा साथ जिंदगी भर , रहेगा बस यही एक मलाल जिंदगी भर ।
मेरी हसरतें तेरी खुशियों में कहीं गुम हो गई , हम तलाशते रह गए जीने की वजह जिंदगी भर ।।
हाशिए पर है अब मेरे ख्वाबों की हकीकत , ख्याल भी तेरा रहा ताउम्र जिंदगी भर ।
पूछता रहा सवाल कि क्यों खुद से रूठे हैं , असर तेरी मोहब्बत का जख्म बना रहा जिंदगी भर ।।
MAGRUR NAHI HAI HUM
BUS PAGAL HAI KISI KE PYAR MAIN
GALATFAHMI THI HAME VO TO
FAYADA DHUNDHTE RAHE HAMARI IBADAT MAIN-AMRUTA