Jitna dur rehkar chahoge utni hi gehri hogi mohobbat
Jis din jism bichme aagya, samaj jana bewafai kareeb hein ♥
जितना दूर रहकर चाहोगे उतनी ही गहरी होगी मोहोब्बत जिसदिन जिस्म बीच में आ गया, समझ जाना बेवफाई करीब हैं ❤️
हाथ थाम कर भी तेरा सहारा न मिला
में वो लहर हूँ जिसे किनारा न मिला
मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा न मिला
वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ़ रहे थे वो सितारा न मिला
कुछ इस तरह से बदली पहर ज़िन्दगी की हमारी
फिर जिसको भी पुकारा वो दुबारा न मिला
एहसास तो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गयी
उसने जब ढूँढा तो निशान भी हमारा न मिला🍂