Nind chain sab khoh gaya
Kahda ishq tere naal ho gaya..!!
ਨੀਂਦ ਚੈਨ ਸਭ ਖੋਹ ਗਿਆ
ਕਾਹਦਾ ਇਸ਼ਕ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਹੋ ਗਿਆ..!!
Nind chain sab khoh gaya
Kahda ishq tere naal ho gaya..!!
ਨੀਂਦ ਚੈਨ ਸਭ ਖੋਹ ਗਿਆ
ਕਾਹਦਾ ਇਸ਼ਕ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਹੋ ਗਿਆ..!!
कब्र दर कब्र इक इश्तिहार जा रहा है,
अपना था कोई वो जो दूर जा रहा है,
मोहब्बत सही, इश्क सही, पास नहीं है अब,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
जो अपने थे वो चले गए....
हर वक्त आंसू पोंछने कोई पास आ रहा है,
मालूम है वो भी चला जायेगा फिर आंसू देकर,
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
मतलबी, बेशर्म, बेईमान है दुनिया सारी
मालूम है की जीने नहीं देगी... देखो...
मेरी कब्र से भी मेरा इश्तिहार आ रहा है...
जोगी इसी धुन में कोई गीत गा रहा है...
बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯