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Nindak hi tuhade || truth life shayari punjabi

Jekr tuhadi nindaa ho rahi ee taa isdi parwaah bilkul naa karo
kyuki hado wadh change lokaa nu es vich di ho ke langhnaa hi painda
nindak hi akeer vich tuhade parshanshak bande ne

ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਡੀ ਨਿੰਦਾ ਹੋ ਰਹੀ ਏ ਤਾਂ ਇਸਦੀ ਪਰਵਾਹ ਬਿਲਕੁਲ ਨਾ ਕਰੋ
ਕਿਉਂਕਿ ਹੱਦੋ ਵੱਧ ਚੰਗੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਵਿੱਚ ਦੀ ਹੋ ਕੇ ਲੰਘਣਾ ਹੀ ਪੈਦਾ
ਨਿੰਦਕ ਹੀ ਅਖੀਰ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਪ੍ਰਸੰਸਕ ਬਣਦੇ ਨੇ।

ਹਰਸ✍️

Title: Nindak hi tuhade || truth life shayari punjabi

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


आदमी एक खूबियाँ तीन || akbar story

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: आदमी एक खूबियाँ तीन || akbar story


Umeed na rakh || true line shayari || Punjabi status

Ikk ohi e tera bhrosa rabb te rakh
Es jag val jaan ton khud nu le rok..!!
Umeed na rakh eh kam nahi aune
Khudgarz duniyan de khudgarz lok..!!

ਇੱਕ ਉਹੀ ਏ ਤੇਰਾ ਭਰੋਸਾ ਰੱਬ ਤੇ ਰੱਖ
ਇਸ ਜੱਗ ਵੱਲ ਜਾਣ ਤੋਂ ਖੁਦ ਨੂੰ ਲੈ ਰੋਕ..!!
ਉਮੀਦ ਨਾ ਰੱਖ ਇਹ ਕੰਮ ਨਹੀਂ ਆਉਣੇ
ਖ਼ੁਦਗਰਜ਼ ਦੁਨੀਆਂ ਦੇ ਖ਼ੁਦਗਰਜ਼ ਲੋਕ..!!

Title: Umeed na rakh || true line shayari || Punjabi status