Odi kahi har gal yaad h
Ode nal bite sare pal yaad h
Ovi chngi trah yaad h menu
Par ki ohnu Dhillon yaad h
Odi kahi har gal yaad h
Ode nal bite sare pal yaad h
Ovi chngi trah yaad h menu
Par ki ohnu Dhillon yaad h
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥
Main Mutaffik Hun Tumhari Tamam Baaton Se💯
Bairhal Dil Toda Nhi Karte 🙃
Aur Ishq Ek Se Halal Hota hai❤️
Har Kisi Se Thoda Thoda Nhi Karte🙌
मैं मुताफिक हूँ तुम्हारी तमाम बातों से💯
बहरहाल दिल तोड़ा नही करते 🙃
और इश्क़ एक से हलाल होता है❤️
हर किसी से थोड़ा थोड़ा नही करते🙌