
Oh Udaas howe ta meri jaan nikaldi e..!!

दोस्ती है अनमोल रत्न;
नहीं तोल सकता जिसे कोई धन,
सच्ची दोस्ती जिसके पास है;
उसके पास दौलत की भरमार है,
न ही जीत न ही कोई हार है,
दोस्त के दिल में तो बस प्यार ही प्यार है।।
भटके जब भी दोस्त संसार के मोहजाल में,
खींच लाता है सच्चा दोस्त उसे अच्छाई के प्रकाश में,
छोड़ देता है जग सारा जब मुश्किल भरी राह में,
सच्चा दोस्त साथ देता है तब जिंदगी की राह में।।
बने चाहे दुश्मन क्यों न जमाना सारा,
सच्चा दोस्त साथ देता है सदा हमारा,
दोस्त के लिए कुर्बान होता है जीवन सारा,
हर मुश्किल में बनता है वो सहारा।।
सच्ची दोस्ती को वक्त परखता हर बार है,
वक्त की हर परीक्षा से हसते हुए पास करना ही दोस्ती की पहचान है,
दुनिया की किसी शौहरत की न जिसे दरकार है,
सच्चा दोस्त रखने वाला संसार में सबसे धनवान है।।
तरुण चौधरी
तेरी हंसी मुरझाऐ फुलों को भी फिर से खिला दे,
जब झपकाऐ तु पलकें तो ,सुरज को भी ग्रहण लगा दे,
चाल तेरी ऐसी जैसे लहराती हो पीपल की डाल कोई,
और जब खुली हों तेरी जुल्फें तो काली घटा झा जाऐ!
बोल तेरे ऐसे जैसे जलेबी से चासनी टपक जाऐ,
क्या लिखुं तेरी खुबसुरती को तु है गणित का सवाल कोई!