
Na oh sade Na asi ohde ho sake..!!
Oh mile ta gairan diyan galliyan vich
Na hass sake asi Na ro sake..!!

गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला
बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला
ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार
वो दिल से कभी, जुदा ना मिला
परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका
कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला
ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका
धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला
उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह
कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️