Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
doori shayari, DOOR REH NA SAKI
ਭਾਂਵੇ ਦਿਲ ਦੇ ਅੰਬਰ ਵਿੱਚ ਉਹ ਸਿਮਟ ਕੇ ਰਹਿ ਨਾ ਸਕੀ
ਪਰ ਮੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ਤੋਂ
ਉਹ ਦੂਰ ਰਹਿ ਨਾ ਸਕੀ
Bhawe dil de ambar vich oh simat ke reh na saki
par meriyaan yaadan ton
oh door reh na saki
Title: doori shayari, DOOR REH NA SAKI
Mere charche || मेरे चर्चे
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
