
Padh sako toh padh lo inh ankhon mein
apna naam
lafzo mein byaan karna bahut mushkil hai tumhe

Waada karte the vo k jab marenge to teri bahon mein marenge
Or aaj jeene ke liye bhi kisi or ki bahon mein chle gye..!!
वादा करते थे वो के जब मरेंगे तो तेरी बाहों में मरेंगे
और आज जीने के लिए भी किसी और की बाहों में चले गए..!!
वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|