
Padh sako toh padh lo inh ankhon mein
apna naam
lafzo mein byaan karna bahut mushkil hai tumhe

तेरा ईश्क रहता है , मेरे सपनों के शहर में ।
दबी जुबां में मुझसे , एक बात कहता है ।।
मन में बसी है तू , दिल तुझसे मिलने को बेकरार है ।
नाराजगी छोड़ दे ना , तेरा प्यार तो मेरे लहू में बहता है ।।
ख्वाबों की गलियों में , बसी चाहत है सनम ।
फितूरी का खुमार भी , बस तेरा ही नाम कहता है ।।
आँखों में नींद नहीं , सुकून में भी चैन नहीं ।
बस इजहार-ए-मोहब्बत का ख्याल , हर पल मेरे जहन में रहता है ।।
Na chadeyaa koi din sadhe lai
na aai kade puneyaa di raat
na pyar samajh saki tu mera
na samajh saki jajhbaat
ਨਾ ਚੜਿਆ ਕੋਈ ਦਿਨ ਸਾਡੇ ਲਈ
ਨਾ ਆਈ ਕਦੇ ਪੁੰਨਿਆ ਦੀ ਰਾਤ
ਨਾ ਪਿਆਰ ਸਮਝ ਸਕੀ ਤੂੰ ਮੇਰਾ
ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ ਜ਼ਜਬਾਤ