
Yaar mera soorjaan di jarrhi ja ke beh gya
rut de dukhaant nu oh hor aghe le gya
mausamaan da kha liyaa dgaa
pairaan ch niwa liyaa khuda

Yaar mera soorjaan di jarrhi ja ke beh gya
rut de dukhaant nu oh hor aghe le gya
mausamaan da kha liyaa dgaa
pairaan ch niwa liyaa khuda
आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा
नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा
कितना विशाल कितना घना हूं
फल और फूलों से लदा हूं
मेरी ही छाया में आकर
तुम अपनी थकान मिटाते हो
मीठे फल और सुंदर फूल
तुम मुझसे ही ले जाते हो
दूषित हवा तुम मुझको देकर
खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो
अपने ही जीवन के आधार पर
तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो
मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर
तुम दर्द मुझे दे जाते हो
देता हूं बारिश का पानी
हरियाली मुझसे पाते हो
करता हूं इतने उपकार
फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार
Fikr kiya kro meri muje khayal mein rakho tum
Mein man hoon tumhara zra smbhal ke rakho tum!!
फिक्र किया करो मेरी मुझे ख्याल मे रखो तुम
मै मन हूँ तुम्हारा जरा सम्भाल के रखो तुम!!