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ikk-din-barah-maahan-jeha-love-shayari-intezaar

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Title: ikk-din-barah-maahan-jeha-love-shayari-intezaar

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


छांव भी जरूरी है || hindi poetry

ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!

हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!

Title: छांव भी जरूरी है || hindi poetry


तू चलता चल ऐ बंदेया ! || Hindi poetry || inspirational poetry

तू चलता चल ऐ बंदेया 
माना मुश्किल , है सफ़र 
पर जब साथ हो कोई हमदर्द 
तो किस बात का डर 
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से 
माना है , जिस राह पर तू चला है 
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर 
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर  बनना मेरे यार 
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।

Title: तू चलता चल ऐ बंदेया ! || Hindi poetry || inspirational poetry