ਪਾਣੀ ਦਰਿਆ ਚ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਅੱਖਾਂ ਚ, 👀 ਗਹਿਰਾਈ ਤੇ ਰਾਜ ਦੋਵਾਂ ਚ ਹੁੰਦੇ ਆ ….!
Pani dariya ch hove ja akha ch, 👀 ghariyan te Raj dova ch hunda ae…!
ਪਾਣੀ ਦਰਿਆ ਚ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਅੱਖਾਂ ਚ, 👀 ਗਹਿਰਾਈ ਤੇ ਰਾਜ ਦੋਵਾਂ ਚ ਹੁੰਦੇ ਆ ….!
Pani dariya ch hove ja akha ch, 👀 ghariyan te Raj dova ch hunda ae…!
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
Chand ko dekha hai mei ne gaur se
Mohobbat ko mahsoos kiya hai mei ne qareeb se
Ahsaas to bahut kuch huwa
Par pyar kya hota aaj woh bhi seekh gae aapse❤
चांद को देखा है मैने गौर से
मोहोब्बत को महसूस किया है मैने करीब से
एहसास तो बहुत कुछ हुआ
पर प्यार क्या होता आज वो भी सीख गए आपसे❤