
Ikalleyaan rehan lai asin ik ghar bna leya
te dukhaan nu mukadarr bnaa leya
poojde vekh lokkan nu pathar
asin narm dil nu pathar bna leya

Ikalleyaan rehan lai asin ik ghar bna leya
te dukhaan nu mukadarr bnaa leya
poojde vekh lokkan nu pathar
asin narm dil nu pathar bna leya
Ishq ki kuch kahaniya hum yun bhi likhenge
Tera naam fir mera naam aur baki khali shod denge ❤
ईश्क की कुछ कहानियां हम यूं भी लिखेंगे
तेरा नाम फिर मेरा नाम और बाकी खाली छोड़ देंगे❤
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
ठोकरें बहुत है राह में,बीत गए वो दिन रैन,
सोचा ना था यूं सौदा करूंगा,
बूंदों सी बारिश में प्यासा चलूंगा,
पसीने से तर है दामन मेरा
कैसे बायां करूं हाल ए दिल अपना के,
कैसे भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बेचैन,
शाम भी बीत गई, सूरज भी ढल गया,
रास्तों पर निकला तो वक्त भी बदल गया,
ठोकरें बहुत खाई अब थोड़ा संभाल गया,
किससे कहूं फिर भी भीगते हैं मेरे नैन,
मंज़िल अभी दूर है, मुसाफिर है बैचेन,
मेरा हिस्सा था जिनमें कुछ लम्हे चुरा लाया हूं,
हर कदम के साथ कुछ करीब आया हूं,
किनारों पर समेटकर कुछ लेहरें लाया हूं,
दो पल ही सही वापस आए वो दिन रैन,
मै ही हूं वो मुसाफिर, मै ही था बेचैन…