Tadap pachanan jinna kise di
Yaad ch mar mar akh bhari..!!
Peedh vi jarn jionde jee marn
Mohobbat jinni dilon Kari..!!
ਤੜਪ ਪਛਾਨਣ ਜਿੰਨਾਂ ਕਿਸੇ ਦੀ
ਯਾਦ ‘ਚ ਮਰ ਮਰ ਅੱਖ ਭਰੀ..!!
ਪੀੜ ਵੀ ਜਰਨ ਜਿਓੰਦੇ ਜੀਅ ਮਰਨ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਜਿੰਨੀ ਦਿਲੋਂ ਕਰੀ..!!
Tadap pachanan jinna kise di
Yaad ch mar mar akh bhari..!!
Peedh vi jarn jionde jee marn
Mohobbat jinni dilon Kari..!!
ਤੜਪ ਪਛਾਨਣ ਜਿੰਨਾਂ ਕਿਸੇ ਦੀ
ਯਾਦ ‘ਚ ਮਰ ਮਰ ਅੱਖ ਭਰੀ..!!
ਪੀੜ ਵੀ ਜਰਨ ਜਿਓੰਦੇ ਜੀਅ ਮਰਨ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਜਿੰਨੀ ਦਿਲੋਂ ਕਰੀ..!!
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।
kinaare par tairane vaalee laash ko dekhakar ye samajh aaya,
bojh shareer ka nahee saanson ka tha…
किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया,
बोझ शरीर का नही साँसों का था…