Peenda nahi haa nashaa fer v baneyaa rehnda hai
aksar ohna di yaad sharabi kar dindi hai mainu
ਪੀਂਦਾ ਨਹੀਂ ਹਾਂ ਨਸ਼ਾ ਫੇਰ ਵੀ ਬਣਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ,
ਅਕਸਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਸ਼ਰਾਬੀ ਕਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਮੈਂਨੂੰ
Peenda nahi haa nashaa fer v baneyaa rehnda hai
aksar ohna di yaad sharabi kar dindi hai mainu
ਪੀਂਦਾ ਨਹੀਂ ਹਾਂ ਨਸ਼ਾ ਫੇਰ ਵੀ ਬਣਿਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ,
ਅਕਸਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਸ਼ਰਾਬੀ ਕਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਮੈਂਨੂੰ
मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——
Kabhi zindagi mein dukh mile to ghabrana matt,
Kyunki rab dukh dega to himmat bhi dega dukh se ladne ki 🤗
कभी जिंदगी में दुःख मिले तो घबराना मत ,
क्योंकि रब दुःख देगा तो हिम्मत भी देगा दुःख से लडने की 🤗